देवसर कॉलेज के 420 पूर्व सेवानिवृत्त प्राचार्य जेल की सलाखों के अन्दर!

बैढ़न कार्यालय ।। मध्य प्रदेश सिंगरौली के देवसर महाविद्यालय के पूर्व सेवानिवृत प्राचार्य कैलाशपति पाण्डेय अब जेल की सलाखों के अन्दर हैं। जिन्होंने अपनी फर्जी तरीके से डीग्रियां प्राप्त कर शासकीय सेवा का लाभ उठाया है। फर्जिजीवाड़े की जानकारी विभाग को नहीं थी जिससे आरोपी ने वेतन के साथ-साथ पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। जिससे जियावन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 

पूर्व सेवानिवृत्त प्राचार्य जेल की सलाखों में?

जियावन पुलिस ने पूर्व सेवानिवृत प्राचार्य कैलाशपति पाण्डेय के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी।  जिस पर गहनता जांच किया गया तो पाया गया की रिटायर्ड पूर्व प्राचार्य बी.ए. फैल हो गए थे। जिन्होंने उसके बाद जुगाड़ से अपनी बी.ए. पास की अंक-सूची बनवा ली। उसके बाद उसी अंक-सूची के आधार पर उन्होंने ने सरकारी कॉलेज में 1984 से ड्यूटी करने लगे। जिसकी जानकारी विभाग को नहीं हुई इसीक्रम में चलता रहा और विगत वर्ष 2019 में सेवानिवृत हो गए। पूर्व सेवानिवृत प्राचार्य के विरुद्ध 420, 467, 468, 471, धारा पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कीया गया। गिरफ्तार के पश्चात प्राचार्य से पूछताछ की गई तो बताया गया की नियुक्ति तो 1984 से हुआ था। उसके बाद 1987 में नियमित रूप से नियुक्त हो गए। उसके बाद यह चलता रहा विगत वर्ष 2019 में रिटायर्ड हो गए। जिसे जियावन पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कीया गया और न्यायालय द्वारा आरोपी फर्जी अंक-सूची बनवाने वाले पूर्व प्राचार्य को जेल भेज दिया

इस कार्यवाही में जियावन थाना प्रभारी कपूर त्रिपाठी, उप निरीक्षक प्रदीप सिंह, दिनेश पाण्डेय, बी.एन.वर्मा, सहायक उप निरीक्षक सुरेश वर्मा, उत्तम सिंह, प्रधान आरक्षक अनिल वर्मा, गुलाब सिंह, आशीष द्विवेदी, महिला आरक्षक विमला, आरक्षक रिंकू धाकड़, खुमसिंह नर्गेश, शिवभान सिंह, विपुल पाठक, अनिल कुमार की विशेष भूमिका रही।