बिजली विभाग में मचा हडकंप रिश्वत लेते जे.ई. हुआ गिरफ्तार।

MPEB ।। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में विद्युत विभाग में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता के विरुद्ध छापेमारी कार्यवाही की गई है।। जिसके विरुद्ध फरियादी ने लोकयुक्त के पास शिकायत कीया था की गांव में जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए जूनियर इंजिनियर द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। जिसके बाद जे.ई. को रिश्रवत के साथ रंगे हाँथ जे.ई. को गिरफ़्तार कर लिया गया। जिससे बिजली विभाग में हडकंप मचा हुआ है।

छापेमारी क्यों हुई ?

उमरिया के मानपुर मलाई टोला में बिजली के जले हुए ट्रांसफार्मर को फरियादी विनीत कुशवाहा ने शिकायत किया था जिसमें आरोपी जे.ई. द्वारा ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए पचास हजार रुपये की मांग किया गया था उसके बाद जे.ई. से बातचीत करते-करते 40000 रुपये में ट्रांसफार्मर बदलने की बात तय की गई। इसी सूचना पर लोकयुक्त ने 15 लोगों की टीम तैयार कर उमरिया भेजा गया। उसी दौरान टीम ने कनिष्ठ अभियंता को उनके किराये के माकन में रिश्वत लेते हुए रंगे हाँथ गिरफ्तार कर ली।।

लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया की आरोपी जे.ई.कमलेश त्रिपाठी ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए फरियादी से 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। लेकिन बातचीत के बाद 40 हजार रुपये में जाकर तय हुआ। इस विषय में फरियादी द्वारा गत दिवस लोकयुक्त में शिकायत की गई थी। जिसका सत्यापन होने बाद गठित टीम ने आरोपी को ट्रेप करने की कारवाही की गई।

बताया जा रहा है की आरोपी को पकड़ने वाली गठित टीम ने सिविल ड्रेस का इस्तेमाल की थी। जैसे ही फरियादी द्वारा आरोपी जे.ई. को ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत दिया जा रहा था। उसी समय लोकयुक्त की गठित टीम ने सिविल ड्रेस में रंगे हाँथ आरोपी को धर दबोचा।

फरियादी विनीत कुशवाहा ने बताया की गांव में ट्रांसफॉर्मर जल जाने के कारण काफी ज्यादा समस्या है। जिसके कारण मज़बूरी में ग्रामीणों को अँधेरे में रहने के लिए काफी मस्सकतें झेलनी पड़ रही है। इसके विषय में निर्धारित शुल्क के साथ बिजली विभाग में आवेदन दिया गया। इसके पश्चात भी कनिष्ट अभियंता कमलेश त्रिपाठी द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पैसे मांगे जा रहे थे।