मध्यप्रदेश में रेत माफियाओं ने वनकर्मियों पर बरसाए डंडे,पत्थर फेंके,और थाने से फरार हो गया।

रेत माफियाओं ने वनकर्मियों पर हमला कर दिया। वनकर्मियों पर डंडे बरसाए और उन पर पत्थर फेंके। इस हमले मे फॉरेस्ट गार्ड का हाथ फ्रैक्चर हो गया,और 6-7 अन्य कर्मचारी जख्मी हो गए। यही नहीं जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर ठाणे लाई तो बाथरूम जाने का बहाना कर फरार हो गए। घटना गुरुवार शाम चंदेरी से करीब 15‎ किमी दूर नगावर गांव की है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश अशोकनगर जिला के चंदेरी पुलिस ने मामले में 12 लोगों के‎ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।‎ उधर, एक आरोपी की पत्नी ने वन विभाग के अधिकारियों पर ही छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए महिला थाने‎ में आवेदन भी दिया है।‎

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रिपोर्ट के अनुसार सिरसौद इलाके में अवैध खनन करके ले जाई जा रही‎ रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को वन‎ विभाग की टीम ने जब्त किया था।‎ वे ट्रैक्टर को चंदेरी की तरफ लेकर निकले, तो चार पहिया वाहन से आरोपी जुगऐ महाराज और दो बाइकों पर अन्य पांच लोग आ पहुंचे। वन‎ विभाग की टीम ने जब ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने‎ से मना किया, तो जुगऐ महाराज ने उन्हें धमकी दी और चला गया।

जब नगावर गांव के पास ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो‎ गया। तभी दूसरे ट्रैक्टर पर 20-25 लोग सवारऔर कुछ लोग बाइक से आए और आते ही पत्थरों से हमला कर‎ दिया।

भीड़ ने रेंजर समेत‎ वनकर्मियों पर‎ खूब लट्‌ठ बरसाए। उन्होंने विभाग की उड़नदस्ता व अन्य‎ अटैच गाड़ी के कांच फोड़ दिए।‎ हमले में 6-7 वनकर्मी घायल हो गए। खनन माफियाओं ने मारपीट कर रेंजर की रायफल छीनने की कोशिश की।हमलावर अपने साथ में डीजल भी लेकर आए थे। जिसे भरकर वे ट्रैक्टर-ट्राॅली साथ ले कर फरार हो गए।

हमले में रेंजर आदित्य पुरोहित, वनरक्षक लोकेंद्र त्रिपाठी, चंद्रप्रकाश‎ वर्मा, विजय सिंह बुदेला को ज्यादा‎ चोट आई है।

धमकी देने वाले‎ जुगऐ महाराज और उसके भतीजे‎ समेत कुछ लोगों को पुलिस पकड़करने में कामयाब रही। लेकिन जब उन्हे थाने लाई तो वे बाथरूम जाने का बहाना बनाकर फरार हो गए।