मध्यप्रदेश में 88 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी 6,414 करोड़ की राहत।

भोपल।। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत योजना-2022 में प्रदेश के 88 लाख बिजली उपभोक्ताओं को 6414 करोड़ 32 लाख रूपये की राहत राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 7 अप्रैल को कटनी जिले के स्लीमनाबाद में “मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत योजना-2022″काशुभारंभ कर हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र वितरित करेंगे। योजना में प्रदेश के 88 लाख बिजली उपभोक्ताओं को 6414 करोड़ 32 लाख रूपये की राहत राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्नसिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश में कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण निम्न आय वर्ग वाले घरेलू उपभोक्ताओं की आस्थगित की गई बकाया राशि के निराकरण के लिए “मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत योजना-2022” लागू की गयी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा आस्थगित राशि माफ करने की घोषणा की गई थी।

उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों में दी गई राहत

विवरण

राहत राशि

(रू. करोड़)

घरेलू संबल हितग्राही, जिनके माह अप्रैल, 2020 में देयक की राशि 100 रुपये तक थी, उनसे आगामी तीन माह में मात्र 50 रूपये प्रतिमाह की राशि का ही भुगतान लिया गया

49.48

घरेलू उपभोक्ता, जिनके माह अप्रैल, 2020 में देयक की राशि 100 रुपये तक थी, उनसे आगामी तीन माह में देयक राशि 100 रुपये से 400 रुपये तक आने पर मात्र 100 रुपये प्रतिमाह की राशि का भुगतान लिया गया।

57.25

घरेलू उपभोक्ता, जिनके माह अप्रैल, 2020 में देयक की राशि 400 या उससे कम थी, उनसे आगामी तीन माह में देय राशि 400 रूपये से अधिक आने पर मात्र 50 प्रतिशत भुगतान लिया गया।

420.24

लॉकडाउन के चलते अप्रैल एवं मई माह में देय विद्युत बिलों का भुगतान सामान्य नियत तिथि तक करने पर 1 प्रतिशत की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि

1.75

आदेश दिनांक 27 अगस्त, 2020 अंतर्गत एक किलोवॉट तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं की दिनांक 31 अगस्त, 2020 तक की बकाया राशि की माफी

4914

उपरोक्त राशि पर माह मार्च, 2022 तक विद्युत कम्पनियों द्वारा वहन की गई अनुमानित ब्याज राशि

972

प्रदेश के उपभोक्ताओं को प्रदान की गयी राहत

6414.32

लाभान्वित उपभोक्ता

88 लाख

योजना में शामिल होने के लिए पात्र उपभोक्ता

एक किलोवाट तक के संयोजित भार वाले वे सभी घरेलू उपभोक्ता, जिनकी 31 अगस्त 2020 की स्थिति में बकाया मूल राशि एवं अधिभार राशि को आस्थगित किया गया था, योजना का लाभ लेने के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

योजना का स्वरूप

योजना में पात्र उपभोक्ताओं की आस्थगित संपूर्ण बकाया राशि (मूल एवं अधिभार) माफ़ की जाएगी। माफ किए गए अधिभार की पूर्ण राशि एवं माफ़ की गयी मूल राशि का 50 प्रतिशत वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जायेगा तथा मूल राशि का शेष 50 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसके एवज में वितरण कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी।

पात्र हितग्राहियों की आस्थगित राशि के निराकरण पश्चात् वितरण कंपनी द्वारा बिल माफ़ी का प्रमाण-पत्र जारी कर आगामी बिल के साथ संलग्न किया जायेगा। बिल में उपभोक्ता की माफ़ की गयी राशि का स्पष्ट उल्लेख होगा।

एक किलोवाट तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं की 31 अगस्त 2020 तक की आस्थगित राशि के संबंध में ऊर्जा विभाग द्वारा लागू की गयी “समाधान योजना” में उपभोक्ताओं द्वारा जितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है, उतनी राशि उनके आगामी बिलों में समायोजन के माध्यम से वापस की जाएगी।

स्थायी रूप से विच्छेदित उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने एवं पुनः कनेक्शन संयोजित कराने के लिए विद्युत प्रदाय संहिता के प्रावधानों के अनुसार औपचारिकताएँ पूर्ण करना अनिवार्य होगा।

“मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत योजना-2022” को कंपनियों में तत्काल प्रभाव से लागू कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे सभी पात्र उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले सकें।

स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आकाशवाणी, दूरदर्शन एवं क्षेत्रीय चैनल और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से किया जाएगा। प्रत्येक जिला मुख्यालय में भी कार्यक्रम होगा। इसमें जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। सभी विद्युत वितरण केन्द्रों पर भी शिविर लगाकर बिल माफी प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे। जिन स्थानों पर 7 अप्रैल को शिविर नहीं लग पायेंगे, वहाँ 8 अप्रैल को शिविर लगाये जायेंगे।