BANK ACCOUNT : जरूरी खबर ! कई बैंक में अकाउंट रखना,पड़ सकता है भारी !

[box type=”info” align=”aligncenter” class=”” width=””]अगर आपके भी कई बैंक में खाते हैं, तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। कई बैंक खातों के साथ, आपको वित्तीय नुकसान के साथ-साथ कई अन्य नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।[/box]

अगर आपके भी कई बैंक में खाते हैं, तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। कई बैंक खातों के साथ, आपको वित्तीय नुकसान के साथ-साथ कई अन्य नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। टैक्स और निवेश विशेषज्ञ भी एक खाता रखने की सलाह देते हुए कहते हैं कि सिंगल बैंक खाता होने से रिटर्न दाखिल करना आसान हो जाता है। आइए एक से अधिक खाते रखने के नुकसान पर एक नज़र डालते हैं।

क्या क्या होगी परेशानी है?

यदि आप कई बैंकों में खाता रखते हैं, तो पहली कठिनाई रखरखाव के साथ होती है। दरअसल, हर बैंक का अपना अलग मेंटेनेंस चार्ज(Maintenance charge), डेबिट कार्ड चार्ज(Debit card charge), एसएमएस चार्ज(Sms charge), सर्विस चार्ज(Service charge), मिनिमम बैलेंस चार्ज(Minimum balance charge) होता है। यानी आपके पास जितने भी बैंक अकाउंट हैं, उनके लिए आपको अलग से चार्ज देना होगा. साथ ही मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर बैंक भारी चार्ज वसूलते हैं।

सिंगल बैंक खाते में रिटर्न दाखिल करना आसान है

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपके पास सिंगल बैंक अकाउंट है तो रिटर्न फाइल करना ज्यादा आसान है। क्योंकि आपकी कमाई की पूरी जानकारी एक ही खाते में उपलब्ध होती है। अलग-अलग बैंक खाते होने से यह गणना कठिन और बड़ी हो जाती है। ऐसे में टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस जारी कर सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारन ने ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए बजट में नए उपायों की घोषणा की।

इसका हिसाब आपको taxpayer को देना होगा

नए नियमों के तहत वेतन आय के अलावा अन्य स्रोतों से आय की जानकारी जैसे लाभांश आय, पूंजीगत लाभ आय, बैंक जमा ब्याज आय, डाकघर ब्याज आय की जानकारी अग्रिम रूप से भरी जाएगी। अब तक करदाताओं को अलग से हिसाब करना पड़ता था। उन्हें कई बार भूलने का कष्ट हुआ। अब यह सारी जानकारी पहले से भर दी जाएगी। यह जानकारी पैन कार्ड की मदद से प्राप्त की जा सकती है।

खाता इनएक्टिव हो जाएगा

यदि एक वर्ष तक बचत खाते(Saving Account) या चालू खाते(Current Account) में कोई लेनदेन(Transaction) नहीं किया जाता है, तो यह एक निष्क्रिय बैंक खाता(Inactive bank account) बन जाता है। अगर दो साल तक कोई लेन-देन नहीं होता है, तो इसे इनएक्टिव खाते में बदल दिया जाता है। ऐसा बैंक खाता होने से धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है। बैंकरों का कहना है कि इन सक्रिय खातों के साथ, आंतरिक और बाहरी धोखाधड़ी की सबसे अधिक संभावना है। ऐसे मामलों में उसका विवरण एक अलग किताब में रखा जाता है।

प्राइवेट बैंक अतिरिक्त शुल्क लेते हैं

प्राइवेट बैंकों(Private Banks) का मिनिमम बैलेंस चार्ज काफी ज्यादा होता है। उदाहरण के लिए, HDFC Bank का न्यूनतम बैलेंस ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह 5000 रुपये है। इस शेष राशि को नहीं रखने पर जुर्माना रु. इसी तरह के शुल्क अन्य निजी बैंकों पर लागू होते हैं। अगर आप गलती से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करते हैं तो आपको हर महीने बेवजह सैकड़ों रुपये चुकाने पड़ सकते हैं। यह आपके सिबिल स्कोर को भी प्रभावित करता है।

हजारों का होगा नुकसान

यदि आपके पास कई बैंक खाते हैं, तो न्यूनतम शेष राशि बनाए रखने के लिए आपको प्रति माह हजारों रुपये खर्च करने होंगे। यह आपके निवेश को प्रभावित करता है। जो पैसा आपको कम से कम 7-8 फीसदी रिटर्न मिलेगा वह आपके मिनिमम बैलेंस के तौर पर रखा जाएगा। अगर आप इस पैसे को सही जगह निवेश करते हैं तो आपको आसानी से 6-7 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है।