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भ्रष्टाचार

रिश्वतखोर लेखापाल को 04 वर्ष का सश्रम कारावास

सीधी।। माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टााचार निवारण अधिनियम) सीधी द्वारा दिनांक 30.10.2021 को निर्णय पारित कर आरोपी राजसजीवन साकेत पिता परमेश्वर साकेत उम्र-58 वर्ष नि. पहरखा जिला रीवा को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत 04 वर्ष का कारावास एवं 10000 रूपए अर्थदंड, धारा 13 (1) (डी) सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत आरोपी को 04 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया।

कु. सीनू वर्मा मीडिया सेल प्रभारी बताया कि फरियादी मुनीम पनिका दिनांक 30.05.2015 को 25000 हजार रूपए मकान बनवाने हेतु अस्थाई एडवांस की राशि निकलवाने हतु आवेदन पत्र परियोजना अधिकारी महोदय बाल विकास परियोजना कुसमी कार्यालय में दिया था। फरियादी के आवेदन पत्र को अधिकारी द्वारा कार्यवाही हेतु कार्यालय में पदस्थ लेखापाल आर.एस. साकेत को मार्क कर दिए। फरियादी राशि निकलवाने के लिए कई बार आर.एस.साकेत से मिला तो उसके द्वारा राशि निकलवाने के एवज में उससे 5000 रूपए रिश्वत की मांग की गई।

शिकायतकर्ता आरोपी को रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि कार्यवाही चाहता था। फरियादी की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक रीवा के निर्देशानुसार लोकायुक्त रीवा टीम के द्वारा दिनांक 27.06.15 को अभियुक्त को 4000 रूपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी ने दिनांक 27.06.15 को फरियादी से 4000 रूपए अवैध पारितोषिक के रूप में प्राप्त कर आर्थिक/धनीय लाभ प्राप्त किया। विवेचना उपरांत अभियोगपत्र माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सीधी के समक्ष प्रस्तुुत किया गया, जिससे संबंधित अपराध क्र. 277/15 एवं विशेष सत्र प्रकरण क्र. 04/16 में श्री प्रशांत कुमार पाण्डेय, सहा. जिला अभियोजन अधिकारी सीधी ने सशक्त पैरवी करते हुए अंतिम तर्क में मौखिक रूप में उचित एवं प्रभावशील तर्क रखते हुए आरोपी रामसजीवन साकेत को अधिक से अधिक सजा दिलाए जाने हेतु अपील करते हुए दोषी प्रमाणित कराया गया।

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न्यूज डेस्क

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