शिक्षा

मानव संसाधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।-केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ये नई शिक्षा नीति नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। निशंक ने कहा कि पूरी दुनिया में किसी भी नीति पर इतनी रिसर्च नहीं हुई होगी। उन्होंने बताया कि अब मानव संसाधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।

स्कूली शिक्षा में अहम बदलाव

  • अब स्कूली शिक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम लाया जाएगा। इसके अलावा टीचर्स एजुकेशन जिसे 11 साल पहले बनाया गया था उसे भी अब हाथ में लिया जाएगा। वहीं अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन के लिए भी ऐसा फ्रेमवर्क बनेगा, जिसमें पेरेंट्स को बताया जाएगा कि आप घर पर क्या कर सकते हैं।
  • बोर्ड एग्जाम के लिए हर सब्जेक्ट को दो लेवल पर ऑफर किया जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड एग्जाम के महत्व को कम करने के लिए इसे साल में एक बार होना जारूरी नहीं है, ये दो बार हो सकते हैं. बोर्ड एग्जाम को दो भागों में बांटा जाएगा जिसमें एक एग्जेक्टिव और दूसरा डिस्क्रिप्टिव।
  • बोर्ड एग्जाम के लिए कहा गया है कि ये सिर्फ नॉलेज को टेस्ट करे. जो रटकर याद किया गया है उसे टेस्ट नहीं किया जाए। जबकि उन चीजों को इस एग्जाम में टेस्ट करें जो रोजमर्रा की चीजों में आप इस्तेमाल करेंगे।

पांचवी कक्षा तक क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई

  • पांचवी कक्षा तक मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाए। हो सके तो इसे 8वीं तक पढ़ाया जाए। इसके अलावा रिपोर्ट कार्ड में तीन तरह के मूल्यांकन होंगे। जिसमें पहला मूल्यांकन बच्चा खुद करेगा,दूसरा उसके सहपाठी करेंगे और तीसरा टीचर्स करेंगे। इस रिपोर्ट कार्ड में बच्चे की लाइफ स्किल पर भी चर्चा होगी।
  • हर बच्चे के लर्निंग आउटकम को ट्रैक करना होगा। इसके अलावा नेशनल एसेसमेंट सेंटर जिसका नाम परख रखा गया है। उसमें बताया जाएगा कि बच्चों को परखने के लिए क्या करना चाहिए।
  • नेशनल टेस्टिंग एजेंसी हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी को एक एंट्रेंस एग्जामिनेशन ऑफर करेगी, ताकि बच्चे एक कॉमन एग्जाम से यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकें।
  • टीचर्स के लिए एक नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड तैयार किया जाएगा। जिससे टीचर्स का रोल क्या है और उन्हें किस बेंचमार्क तक पहुंचना है इसे तय किया जाएगा. ये पूरे देश में लागू होगा।
  • स्कूल पॉलिसी में लिखा गया है कि जब भी बच्चा 12वीं पास करके निकलेगा तो वो अपनी एक स्किल में माहिर होकर जाएगा। यानी जिसमें वो सबसे सफल है, वो स्किल उसे पता होगी।

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न्यूज़ डेस्क, उर्जांचल टाईगर

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