ईद-मिलाद-उन-नबी कब और क्यों मानते है ? Eid-Milad-un-Nabi : When and why it is celebrated

Eid-Milad-un-Nabi : ईद-ए-मिलाद-उन-नबी दुनिया भर में मुसलमानों द्वारा मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। सुन्नी समुदाय ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पूरे दिन प्रार्थना सभाओं का आयोजन करता है। लोग ईद-ए-मिलाद-उन-नबी अपने घरों को सजाकर और बड़े जुलूस निकाल कर मनाते हैं।

इस साल 2022 में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी शनिवार, 8 अक्टूबर की शाम से शुरू होगी और रविवार, 9 अक्टूबर की शाम को समाप्त होगी।

पैगंबर हज़रत मोहम्मद सल्ल. का जन्म मक्का में अब्दुल्ला के घर इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के 12 वें दिन हुआ था। आप सल्ल. के वालिद का नाम अब्दुल्ला बिन मुतलिब और वालिदा का नाम बीबी आमीना था। 

शिया समुदाय का मानना है कि इसी दिन पैगंबर हज़रत मोहम्मद सल्ल. ने हजरत अली को अपना उत्तराधिकारी चुना था। ,

किंवदंती के अनुसार, पैगंबर हज़रत मोहम्मद सल्ल. के जन्मदिन को आधिकारिक रूप से मनाने वाले मुस्लिम शासक मुजफ्फर अल-दीन गोकबोरी थे। 1588 में ओटोमन्स ने इसे आधिकारिक अवकाश के रूप में घोषित किया, जिसे मेवलिड कंडिल के नाम से जाना जाता है।

यह दिन अब इथियोपिया, भारत, तुर्की, नाइजीरिया, श्रीलंका, फ्रांस, इटली, जॉर्डन और मालदीव जैसे महत्वपूर्ण मुस्लिम आबादी वाले लगभग सभी इस्लामी देशों में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। 

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