Lata Mangeshkar : मेरी आवाज़ ही पहचान है —– 

मेरी आवाज़ ही पहचान है —–

Lata Mangeshkar : भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का आज, 6 फरवरी को 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। लता मंगेशकर के निधन की खबर से पूरा देश शोक में है। इंदौर में जन्मी और पली-बढ़ी, प्रसिद्ध गायिका का पिछले कई दिनों से बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के कारण मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था।

अनकहे किस्से….

  • लता जी को गुलाम हैदर ने पहला ब्रेक दिया था।

  • लता जी हिंदी और उर्दू के अलावा 36 भाषाओं में अपनी आवाज दी है

  • लता जी 25,000 से ज्यादा गानों में आवाज दे चुकी हैं।

सम्मान

  • पद्म भूषण (1969)

  • दादा साहेब फाल्के (1989)

  • पद्मविभूषण (1999)

  • देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (2001)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न हस्तियों ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक प्रकट किया।

  • महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। 
  • पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार
  • लता मंगेशकर का राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
  • लता मंगेशकर की सुरीली आवाज हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी –  राहुल गांधी
  • ममता ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया, राज्य में सोमवार को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वर कोकिला भारत रत्न सुश्री लता मंगेशकर का अवसान बहुत पीड़ादायक है। उनके अवसान से भारतीय संगीत के महायुग का अंत हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लता दीदी आपके बिना ये देश सूना है। इस देश के गीत और संगीत सूने हैं। हर घर सूना है। हृदयघट सूना है। आपकी कमी कभी कोई पूरी नहीं कर सकता। गीत-संगीत की देवी मानकर हमेशा आपकी पूजा करते रहेंगे।

उन्होने कहा ने लता दीदी के चरणों में विनम्र प्रणाम करते हुए कहा कि वे अद्वितीय और अनोखी थीं, उनसे अनंतकाल तक कला साधक प्रेरित होते रहेंगे। मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मी सुश्री लता मंगेशकर ने पार्श्व गायन में सबसे लंबी अवधि का रिकार्ड बनाया है। अनेक भाषाओं को उन्होंने स्वर दिए। करोड़ों संगीत प्रेमियों के जीवन को सुंदर बनाया। वे विश्व स्तरीय गायिका थीं। भारत ही नहीं अनेक राष्ट्र उनके अवसान पर दुखी हैं और उनके योगदान का स्मरण कर रहे हैं। वे गायिका ही नहीं इतिहास में दर्ज एक विशेष अध्याय की तरह हैं।

सीएम चौहान ने कहा कि मैं उत्तराखंड के प्रवास पर हूँ। आज पूर्वान्ह स्वर साम्राज्ञी, परम श्रद्धेय लता मंगेशकर जी के निधन का पीड़ादायक समाचार मिला। मेरा अन्तर्मन व्यथित है। देश ही नहीं, समूचे विश्व ने एक ऐसी स्वर साधिका को खो दिया, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से जीवन में आनंद घोलने वाले असंख्य गीत दिए। लता दीदी का तपस्वी जीवन स्वर साधना का अप्रतिम अध्याय है।

CM शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गीत-संगीत के प्रति समर्पण से परिष्कृत लता जी का व्यक्तित्व शालीनता, सौम्यता और आत्मीयता की त्रिवेणी रहा है, जो कला साधकों को अनंतकाल तक प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। अपनी सुमधुर अमर आवाज से लता दीदी सदैव हम सभी के बीच रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लता जी की जिन्दगी हिंदी और मराठी सिनेमा जगत के साथ ही अन्य भारतीय भाषाओं और संगीत की ऐसी अद्भुत यात्रा रही है, जिसने कई पीढ़ियों को मानवीय संवेदनाओं को जीवंत करते गीत-संगीत से जोड़ने का कार्य किया। भारतीय सिने जगत के उद्भव से अत्याधुनिक युग तक लता दीदी सहयोगी से संरक्षक की भूमिका में रहीं। लता जी का योगदान अविस्मरणीय रहेगा।