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नवरात्रि विशेष : हमें यह परंपरा अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है।

मंदिर के पुजारी अजय नारायण गौर कहते हैं कि दोनों समुदाय पिछले कम से कम 100 साल से एक साथ दुर्गा उत्सव मनाते आ रहे हैं। गौर कहते हैं, ''हमारे गांव में सांप्रदायिक तनाव का कोई इतिहास नहीं है, हिंसा की तो बात ही छोड़ दें।''

  • नवरात्रि विशेष : हमें यह परंपरा अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है।

नवरात्रि पर्व पर 72 वर्षीय शेख जमीर ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं। जमीर होशंगाबाद जिले की बाबई तहसील के हीरंखेड़ा गांव में रहते है। त्योहार से कुछ दिन पहले, जमीर गांव के हिंदुओं और मुसलमानों के साथ उस स्थान का चयन करता है जहां दुर्गा माँ की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। फिर, वह मूर्तियों को खरीदने के लिए दूसरों के साथ होशंगाबाद जाता है। तंबू, रौशनी, बिजली कनेक्शन आदि की व्यवस्था हिंदू और मुसलमान मिलकर करते हैं और वह पैसा भी देता है।


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हमें यह परंपरा अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है।

नवरात्रि विशेष : 3,800 निवासियों के एक गांव, हिरणखेड़ा में 30 मुस्लिम घर हैं। और यह इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि कैसे धर्म सामुदायिक जीवन में कोई बाधा नहीं है। जमीर का कहना है कि वह कह नहीं सकते कि कब से मुसलमान गांव में नवरात्रि के जश्न में शामिल हो रहे हैं।  “हमें यह परंपरा अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है।”

न तो पुराण और न ही कुरान आपस में लड़ने के लिए कहता है।

त्योहार के आखिरी दिन गांव के सभी मुस्लिम समाज के लोग जमीर के साथ भंडारे की व्यवस्था करता है। वे कहते हैं, ”उस दिन हमारे घरों में खाना नहीं बनता. हम सब भंडारा में खाते हैं.” इसी तरह ईद पर जमीर के घर पर हिंदू पड़ोसी स्थायी मेहमान होते हैं।

सांप्रदायिक संघर्ष के इस समय में हिरणखेड़ा अभी भी कैसे सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल कायम कर रहा है। जमीर ने दो समुदायों को विभाजित करने के लिए राजनेताओं और ‘क्षुद्र विचारों वाले लोगों’ को दोषी ठहराया। “बस मुझे बताओ, क्या तुम मेरे और एक हिंदू के खून में अंतर कर पाओगे?” वे कहते हैं, ”न तो पुराण और न ही कुरान अपने लोगों को दूसरों से लड़ने के लिए कहते हैं.”

दोनों समुदाय लगभग 100 साल से एक साथ दुर्गा उत्सव मना रहें हैं ।

नवरात्रि विशेष : गांव के मंदिर के पुजारी अजय नारायण गौर कहते हैं कि दोनों समुदाय पिछले कम से कम 100 साल से एक साथ दुर्गा उत्सव मनाते आ रहे हैं। गौर कहते हैं, ”हमारे गांव में सांप्रदायिक तनाव का कोई इतिहास नहीं है, हिंसा की तो बात ही छोड़ दें।”

शनिवार की रात गांव में दुर्गा उत्सव समारोह के तहत आयोजित शहनाज अख्तर के भजन कार्यक्रम में शामिल हुए जमीर,कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की भीड़  से काफी खुश हैं। उन्होने कहा,”15, 000 से अधिक लोग आए।


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न्यूज डेस्क

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