Lisa Sthalekar : भारत के अनाथालय से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की कहानी।

Lisa Sthalekar : भारत के अनाथालय से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की कहानी।

भारत के एक अनाथालय से, चार विश्व कप खिताब और एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कैरियर के माध्यम से हॉल ऑफ फेम तक का लिसा स्टैलेकर(Lisa Sthalekar)की कहानी वास्तव असाधारण रही है।

बीते रविवार 22-08-2020 को आईसीसी (ICC) ने तीन बड़े दिग्गज खिलाड़ियों के साथ हॉल ऑफ फेम (ICC Hall of Fame 2020) में ऑस्ट्रेलिया की पूर्व महिला ऑलराउंडर लीजा स्टालेकर (Lisa Sthalekar) को शामिल किया गया। लेकिन लीसा का यहां तक का सफर समान्य नहीं रहा है। क्योंकि उनकी जिंदगी का सफर ऑस्ट्रेलिया के किसी आलीशान घर में नहीं बल्कि भारत के पुणे में एक अनाथालय में शुरू हुआ था।

सफलता की बुलंदियों को छू चुकीं लीसा का जन्म 13 अगस्त 1978 को पुणे में हुआ था। लेकिन उन्हें जन्म देने वाले माता-पिता ने जन्म के तुरंत बाद उन्हें एक अनाथालय की सीढ़ियों पर छोड़ दिया। श्रीवत्स अनाथलय ने बच्ची को पाला पोसा और उसका नाम लैला रख दिया।

Lisa Sthalekar : भूरी आंखों के जादू ने पलट दी किस्मत

अमेरिका के मिशीगन में रहने वाले कपल हेरेन और स्यू , जिनकी पहले से ही एक बेटी थी, लेकिन वो एक बेटे को गोद लेना चाहते थे। श्रीवत्स अनाथलय स्यू की नजर भूरी आंखों वाली नन्ही लैला पर पड़ी और उन्हें उससे प्यार हो गया। इस कपल ने तय किया कि वो लैला को गोद लेंगे। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कपल ने लैला को गोद लिया और अमेरिका ले गए। बच्ची का नाम लैला से बदलकर लीसा रख दिया।

Lisa Sthalekar : कैसे शुरू हुआ क्रिकेट का सफ़र

बचपन से ही लीसा के पिता अपने घर के पीछे बने बैकयार्ड में अपनी बेटी के साथ क्रिकेट खेला करते थे। और बाद लीसा, नजदीक के ग्राउंड में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने लगीं। इसी तरह लीसा का क्रिकेट के लिए झुकाव बढ़ता गया और वो पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट खेलती रहीं। बाद लीसा ने क्रिकेट जगत में आधिकारिक तौर पर एंट्री ली।

  • लीसा ने 1997 में साउथ वेल्स के लिए अपना डेब्यू किया
  • 2001 में लीसा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे डेब्यू किया
  • 2003 में लीसा का टेस्ट डेब्यू हुआ
  • 2005 में लीसा ने अपना टी-20 डेब्यू किया

Lisa Sthalekar : भारत के अनाथालय से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की कहानी।

Lisa Sthalekar : लीसा का क्रिकेट करियर काफी शानदार रहा। उन्होंने कुल 8 टेस्ट खेले, जिसमें उन्होंने 416 रन बनाए और 23 विकेट लिए। इसके अलावा लीसा ने कुल 125 वनडे मैच खेले, जिनमें उन्होंने 2728 रन बनाए और 146 विकेट अपने नाम किए। टी-20 की अगर बात करें तो लीसा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 54 टी-20 मैच खेले, जिनमें कुल 769 रन बनाए और 60 विकेट भी लिए।

वनडे मैचों में 2 हजार से ज्यादा रन बनाने और 100 से ज्यादा विकेट लेने वाली लीसा पांच महिला क्रिकेटर में से एक हैं। अगर आईसीसी रैंकिंग की बात करें तो वो इस रैंकिंग में बतौर ऑल राउंडर पहले पायदान पर थीं। लीसा ऑस्ट्रेलियन टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। लीसा ऑस्ट्रेलिया की 4 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहीं। 2005 और 2013 में उन्होंने 50 ओवर का वर्ल्ड कप जीता और 2010 और 2012 में टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम में शामिल थीं।

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