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मध्य प्रदेश : बैतूल का बैलून हॉस्पिटल ! 3 घंटे में कहीं भी होगा शिफ्ट !

  • बैतूल का बैलून हॉस्पिटल ! 3 घंटे में कहीं भी होगा शिफ्ट !

आपने वह कहावत तो सुनी होगी। “प्यासा कुएं के पास जाता है। कुआं प्यासे के पास नहीं आता”। पर अगर हम आपको यह कहे कि मध्य प्रदेश ने इस कहावत को गलत साबित कर दिया है, तो आपको यकीन नहीं होगा। पर यह सच है।

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक ऐसा हॉस्पिटल बनाकर तैयार किया गया है जिसे फोल्ड करके 3 घंटे में कहीं भी शिफ्ट किया जा सकता है।यह एक बैलून हॉस्पिटल है। मतलब अब हॉस्पिटल मरीजों के पास आएगा, मरीजों को हॉस्पिटल के पास नहीं जाना होगा।


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प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बैलून हॉस्पिटल में एक हॉस्पिटल में मिलने वाली में सारी सुविधाएं उपलब्ध है। इस हॉस्पिटल को पीटी मेडिकल कंपनी ने अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के साथ मिलकर बनाया है। आइए जानते हैं क्या क्या है इस बैलून हॉस्पिटल की खासियत और क्या मिलेंगी सुविधाएं।बैलून हॉस्पिटल

क्या है बैलून हॉस्पिटल की विशेषता

  1. दरअसल यह दो बड़े हाईटेक बैलून है। जिन्हें गर्म हवा भर तैयार किया जाता है।
  2. 3 घंटे में यह हॉस्पिटल खड़ा हो जाता है। हॉस्पिटल को खड़ा करने के लिए एयर कंप्रेशर मोटर लगाई गई है।
  3. इस बैलून की लंबाई 120 फुट और चौड़ाई 80 फुट है।
  4. बैलून का मटेरियल वाटर प्रूफ, फायरप्रूफ और स्क्रैच प्रूफ है।
  5. बैलून को पंचर नहीं किया जा सकता।
  6. इसकी छत पर लोहे के ब्रैकेट लगाए गए हैं। जो हॉस्पिटल को मजबूती प्रदान करते हैं।
  7. हॉस्पिटल के अंदर एसीपी (ACP) शीट का इस्तेमाल किया गया है। जिससे पार्टीशन और फ्लोर बनाए गए हैं।
  8. यह हॉस्पिटल केवल 20 दिन में बनकर तैयार हुआ है।
  9. हॉस्पिटल को बनाने में लगभग डेढ़ करोड़ की लागत आई है।
  10. मरीजों व हॉस्पिटल की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं।

हॉस्पिटल में क्या है सुविधाएं

बैलून हॉस्पिटल

  • इस हॉस्पिटल में मरीजों के लिए 3 स्टार हॉस्पिटल में मिलने वाली सॉरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
  • रिसेप्शन एरिया, डॉक्टर लाउंज, एग्जामिनेशन हॉल, डॉक्टर, स्टाफ और मरीजों के लिए शौचालय आदि सुविधाएं उपलब्ध है।
  • डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के लिए अलग कमरों की व्यवस्था की गई है
  • सेंट्रलाइज्ड एसी के जरिए हॉस्पिटल के टेंपरेचर को मेंटेन किया जा सकता है।
  • हॉस्पिटल में 8(ICU) आईसीयू बेड, 15 ऑक्सीजन बेड और 27 सामान्य बेड है।
  • हॉस्पिटल में एक साथ 50 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है।
  • इसमें आईसीयू के साथ-साथ ऑक्सीजन बेड की भी व्यवस्था की गई है।
  • इसमें सेंटर लाइन ऑक्सीजन की भी व्यवस्था है।
  • सीवरेज व पेयजल की व्यवस्था की जिम्मेदारी नगरपालिका को सौंपी गई है।
  • हॉस्पिटल के लिए फ्लोर की व्यवस्था PWD व जिला चिकित्सालय की ओर से की गई है।

जानकारी के मुताबिक कोरोनावायरस को देखते हुए इस हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। और इसकी विशेषता यह है कि इसे महज 3 घंटे के अंदर आपात स्थिति में कहीं भी शिफ्ट किया जा सकता है। ताकि पिछले दो लहरों की तरह इस बार मरीजों को हॉस्पिटल और बेड के लिए दर-दर भटकना न पड़े।


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अब्दुल रशीद

Abdul Rashid is a well-known Journalist, Political Analyst and a Columnist on national issue. Cont.No.-7805875468, Email - editor@urjanchaltiger.in
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