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Morena Ki Gajak : मुरैना के गजक में आखिर क्या है ख़ासियत, जानिए कैसे बनी गजक मिठाई

What is the specialty of Morena's Gajak, know how Gajak sweets are made

मुरैना के गजक Morena’s gajak की याद कुछ वर्ष पूर्व तक सर्दियों की शुरुआत होते ही सताने लगती थी। लेकिन धीरे-धीरे इसके लजीज स्वाद ने इसको बारहमासी बना दिया। आज मुरैना की गजक की मांग पूरे वर्ष भर रहती है। यह सच है कि सर्दियों में इसकी डिमांड कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन गर्मियों में भी इसको खाने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है।

मुरैना की गजक को मिला जीआइ टैग GI Tag

मध्यप्रदेश के खाद्य पदार्थों को मिल रही अंतर्राष्ट्रीय पहचान। मुरैना की गजक और रीवा के सुंदरजा आम को मिला GI टैग

क्या आप जानते हैं कैसे बनी गजक

यूं मुरैना में गजक की शुरुआत 18वीं शताब्दी के मध्य पूर्व हुई। संयोग से बनी इस गजक रूपी मिठाई को प्रारंभ में छपरा और डलिया में रखकर गाँव-गाँव बेचा जाता था। धीरे-धीरे इसकी प्रसिद्धि बड़ी और यह हाट बाजार में ठेलों पर बिकने लगी।

वर्तमान में पोरसा से लेकर सबलगढ़ तक मुरैना जिले की सभी तहसीलों में गजक प्रमुखता से बनती और बिकती है। जिलेभर में छोटे-बड़े गजक निर्माताओं की संख्या एक सैकड़ा से अधिक हैं, वहीं विक्रय करने वालों की संख्या दुकानदारों और हाथ ठेले वालों को मिलाकर गिनी जाए, तो सैकड़ों में बैठेगी।

मुरैना के गज़क Morena’s gajak में आखिर क्या है ख़ासियत

मुरैना गजक

गजक के प्रति लोगों का रुझान बढ़ने के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण इसका मिलावट रहित होना है। गुड़ और तिल से बनने वाली गजक के अनेक फायदे भी हैं। तिल के प्रयोग के कारण यह गर्म तासीर रखती है और सर्दियों में इसके सेवन से स्वास्थ्य को लाभ होता है। इसमें कई तरह के विटामिन होते हैं। सौंदर्यीकरण में भी यह सहायक है और चेहरे से झुर्रियाँ मिटाने का काम करती है। गजक में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जैसे आंतों को पुष्ट करना, शुष्क त्वचा को तेल के गुण प्रदान कर, रूखेपन से दूर ले जाना। शरीर को पुष्ट करना, रक्त संचार को ठीक करना।

मुरैना गजक का स्वाद गांव से  विदेश तक पहुँच चुका है। 

मुरैना जिले में घरेलू उद्योग के रूप में लगातार विकसित हो रहे गजक उत्पादन में लगभग 3000 से अधिक लोग रोजगार पा रहे हैं।मुरैना गजक का स्वाद जिला और प्रदेश सहित देश की सरहद को पार कर विदेश तक पहुँच चुका है, इसलिए देश के हर बड़े शहर में मुरैना गजक के नाम से गजक की दुकानें मिल जाती हैं।

अब शुगर-फ्री गजक भी बाजार में उपलब्ध है।

वर्ष 2019 में मुरैना में तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास और आचार्य आनंद क्लब के सहयोग से आयोजित गजक मीठोत्सव से गजक की आधा सैकड़ा से अधिक वैरायटी डिजाइन बाजार में दिखाई देने लगी है। इसके साथ ही अब शुगर-फ्री गजक भी बाजार में बिकने लगी है। मुरैना गजक को जीआई टैग दिलाने के लिये भी जिला प्रशासन और क्लब द्वारा गंभीर प्रयास किए गए, इससे गजक व्यापारियों में उत्साह का संचार हुआ है।

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