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MP News : सिंगरौली समेत कई जिलों के डॉ. बने असिस्टेंट प्रोफेसर

MP News : मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती नियम 2023 के अनुसार राज्य शासन ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक पद पर वेतनमान रू68900 से 205500 (सातवें वेतनमान में शैक्षणिक स्तर 11) में चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की है। जिन्हें अगले आदेश तक अस्थायी रूप से पोस्टिंग स्थानों पर तैनात किया गया है।

नवनियुक्त शिक्षकों की लिस्ट

  1. ट्रांसफर असिस्टेंट प्रोफेसर
  2. न्यू असिस्टेंट प्रोफेसर
  3. असिस्टेंट प्रोफेसर

MP News : सिंगरौली समेत कई जिलों के डॉ. बने असिस्टेंट प्रोफेसर

MP News : नियुक्ति शिक्षकों के लिए शर्तें

  1. नियुक्त चिकित्सक को आदेश जारी होने की दिनांक से 07 दिवस के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य है।
  2. यदि आप निर्धारित समय के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं, तो आदेश स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
  3. कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व नियुक्त चिकित्सक को भोपाल जिले के जिला चिकित्सा बोर्ड (मेडिकल बोर्ड) के समक्ष उपस्थित होकर स्वयं के व्यय पर चिकित्सीय परीक्षण कराना होगा।
  4. नियुक्त चिकित्सक को तैनाती स्थल तक पहुंचने के लिए कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।
  5. यह भर्ती दो वर्ष की परिवीक्षा पर होगी।
  6. नियुक्त चिकित्सक की वरिष्ठता विभाग द्वारा निर्धारित वरिष्ठता के अनुसार होगी।
  7. नये अंशदायी पेंशन योजना नियम, 2005 नियुक्त चिकित्सकों पर लागू होंगे।
  8. डॉक्टर की सेवाएँ किसी भी पक्ष द्वारा एक माह का नोटिस देकर या उसके बदले में किसी भी समय स्वीकार की जा सकती हैं। उसके इसे एक महीने का वेतन और भत्ते देकर पूरा किया जा सकता है।
  9. यदि संबंधित चिकित्सक एक माह का नोटिस दिए बिना या वैकल्पिक रूप से एक माह का वेतन आदि दिए बिना सेवा छोड़ता है, तो उपरोक्त शर्तों के तहत एक माह के वेतन के बराबर राशि देय होगी। यह राशि संबंधित चिकित्सक से भू-राजस्व बकाया के रूप में वसूल की जायेगी।
  10. नियुक्त चिकित्सक द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उनके द्वारा प्रस्तुत स्वप्रमाणित दस्तावेजों को क्रमशः मूल प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य शैक्षणिक योग्यता/पहचान संबंधी दस्तावेजों से सत्यापित किया जाना चाहिए। सभी प्रमाणपत्रों/अभिलेखों को सत्यापित किया जाना चाहिए और संबंधित नियुक्त चिकित्सक की व्यक्तिगत फ़ाइल में आवश्यक रूप से बनाए रखा जाना चाहिए।
  11. यदि चरित्र सत्यापन रिपोर्ट में अभ्यर्थी शासकीय सेवा के लिए अयोग्य पाया जाता है अथवा जाति प्रमाण पत्र अवैध पाया जाता है तो अभ्यर्थी की नियुक्ति तत्काल निरस्त कर दी जायेगी।
  12. चरित्र सत्यापन हेतु शपथ पत्र संचालनालय चिकित्सा शिक्षा भोपाल में प्रस्तुत करना होगा।
  13. विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेश/निर्देश बाध्यकारी होंगे।
  14. नियुक्ति तिथि तक नियुक्त चिकित्सक को शपथ पत्र देना होगा की लोकायुक्त/आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के पास उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है।
  15. भविष्य में यदि भर्ती के समय लोकायुक्त/आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में केस दर्ज होने की जानकारी मिली तो भर्ती रद्द कर दी जाएगी।

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