Myntra FY26 financial results : फ्लिपकार्ट समूह की फैशन ई-कॉमर्स कंपनी Myntra को वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में बड़ा वित्तीय झटका लगा है। कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 13.5% घटकर ₹5,242.5 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष FY25 में यह ₹6,063.8 करोड़ था। कंपनी को FY26 में ₹579.4 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि FY25 में उसने ₹548.5 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
कंपनी के वित्तीय विवरणों के अनुसार, राजस्व में गिरावट की प्रमुख वजह लॉजिस्टिक्स सेवाओं से होने वाली कमाई में तेज कमी रही। इसके अलावा, विज्ञापन पर बढ़ता खर्च और सिंगापुर से भारत में कंपनी की संरचनात्मक वापसी यानी रिवर्स फ्लिप से जुड़ी पुनर्गठन लागत ने भी वित्तीय नतीजों पर दबाव डाला।
Myntra के राजस्व में कितनी गिरावट आई?
FY26 में Myntra का परिचालन राजस्व ₹5,242.5 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹6,063.8 करोड़ से 13.5% कम है। कंपनी मार्केटप्लेस सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, विज्ञापन और अन्य परिचालन सेवाओं से कमाई करती है।

कंपनी के राजस्व में सबसे बड़ा योगदान मार्केटप्लेस सेवाओं का रहा। हालांकि, इस कारोबार की वृद्धि सीमित रही, जबकि लॉजिस्टिक्स से होने वाली आय में भारी गिरावट दर्ज की गई।
मार्केटप्लेस से आय बढ़ी, लेकिन रफ्तार धीमी
Myntra की मार्केटप्लेस सेवाओं से होने वाली आय FY26 में 3% बढ़कर ₹2,657.3 करोड़ हो गई। यह कंपनी के कुल परिचालन राजस्व का लगभग 50.7% हिस्सा रही।
इस सेगमेंट में कंपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले विक्रेताओं से शुल्क और कमीशन कमाती है। राजस्व में मामूली वृद्धि बताती है कि कंपनी के मुख्य मार्केटप्लेस कारोबार की वृद्धि की रफ्तार सीमित रही।
Myntra FY26 financial results :लॉजिस्टिक्स से होने वाली कमाई 53.2% घटी
Myntra के वित्तीय प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा असर लॉजिस्टिक्स सेवाओं से होने वाली आय में गिरावट का पड़ा। FY26 में इस सेगमेंट से राजस्व घटकर ₹1,119.2 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹2,390.5 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें 53.2% की गिरावट आई।
लॉजिस्टिक्स सेवाओं में डिलीवरी और ऑर्डर से जुड़ी अन्य सेवाओं से प्राप्त शुल्क शामिल हैं। इस सेगमेंट से आय में आई तेज गिरावट कंपनी के कुल परिचालन राजस्व में कमी की प्रमुख वजह रही।
विज्ञापन से कमाई 35% बढ़ी
लॉजिस्टिक्स कारोबार में गिरावट के उलट, Myntra की विज्ञापन से होने वाली आय में अच्छी वृद्धि हुई। FY26 में विज्ञापन सेवाओं से राजस्व 35.2% बढ़कर ₹1,236.4 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹914.5 करोड़ था।
विज्ञापन से कंपनी को ब्रांडों और विक्रेताओं द्वारा अपने उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर प्रमोट करने के लिए दिए जाने वाले शुल्क से कमाई होती है। FY26 में विज्ञापन राजस्व कंपनी की कुल परिचालन आय का लगभग 23.6% रहा।
हालांकि, कंपनी ने विज्ञापन पर ₹2,326.5 करोड़ खर्च किए, जो विज्ञापन से हुई कमाई का लगभग 1.9 गुना है। इससे ग्राहक हासिल करने और ब्रांडों के बीच प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की लागत पर सवाल उठते हैं।

Myntra का कुल खर्च लगभग स्थिर
FY26 में Myntra का कुल खर्च बढ़कर ₹5,757.7 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹5,726 करोड़ था। कुल खर्च में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन राजस्व घटने से कंपनी की लाभप्रदता पर दबाव बढ़ गया।
कंपनी के प्रमुख खर्च इस प्रकार रहे,
- विज्ञापन खर्च: ₹2,326.5 करोड़, सालाना आधार पर 10.5% अधिक।
- लॉजिस्टिक्स खर्च: ₹1,666.6 करोड़, FY25 के ₹1,999.2 करोड़ से 16.6% कम।
- कर्मचारी लाभ खर्च: ₹777 करोड़, लगभग 4% अधिक। इसमें ₹235.4 करोड़ का ESOP खर्च शामिल था।
- आईटी खर्च: ₹323.8 करोड़।
- पेमेंट गेटवे शुल्क: ₹174.4 करोड़।
- अन्य खर्च: ₹455.5 करोड़, जिसमें वित्तीय लागत, कानूनी एवं पेशेवर शुल्क और बिक्री के बाद की सेवाएं शामिल हैं।
विज्ञापन कंपनी की लागत का सबसे बड़ा हिस्सा बना रहा। ऐसे में विज्ञापन से बढ़ती कमाई के बावजूद इस पर होने वाला भारी खर्च मुनाफे में सुधार की चुनौती को दर्शाता है।
FY26 में ₹579 करोड़ के घाटे में गई कंपनी
FY25 में ₹548.5 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाने वाली Myntra FY26 में ₹579.4 करोड़ के शुद्ध घाटे में चली गई। वित्तीय विवरणों में ₹137.5 करोड़ का डिफर्ड टैक्स और विज्ञापन खर्च में वृद्धि को भी निचले स्तर के नतीजों पर दबाव डालने वाले कारकों में शामिल किया गया है।

कंपनी का EBITDA घाटा FY26 में ₹435 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन घटकर -7.09% और पूंजी पर प्रतिफल यानी ROCE -23.03% पर पहुंच गया। ये संकेतक बताते हैं कि कंपनी की परिचालन लाभप्रदता और पूंजी के इस्तेमाल से जुड़े नतीजे कमजोर हुए।
कंपनी ने FY26 में गैर-परिचालन आय से ₹73.3 करोड़ कमाए, जिसमें मुख्य रूप से रॉयल्टी आय शामिल थी। इसके बाद कुल राजस्व ₹5,315.8 करोड़ रहा।
₹1 की कमाई के लिए ₹1.10 खर्च
वित्तीय विवरणों के मुताबिक, Myntra ने FY26 में प्रत्येक ₹1 की कमाई के लिए लगभग ₹1.10 खर्च किए। यह अनुपात कंपनी के खर्च और राजस्व के बीच दबाव को दर्शाता है।
बेंगलुरु स्थित कंपनी के पास FY26 के अंत में ₹21.5 करोड़ का नकद और बैंक बैलेंस था, जबकि उसकी मौजूदा परिसंपत्तियां ₹4,941 करोड़ थीं।
Myntra के कारोबार के सामने क्या हैं चुनौतियां?
Myntra के वित्तीय नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब फैशन ई-कॉमर्स बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज है। कंपनी को एक ओर मार्केटप्लेस कारोबार की वृद्धि बढ़ानी है, तो दूसरी ओर विज्ञापन और ग्राहक हासिल करने की लागत को नियंत्रित करना है।
विज्ञापन से आय में 35.2% की वृद्धि सकारात्मक संकेत है, लेकिन इस मद में ₹2,326.5 करोड़ का खर्च बताता है कि इस कमाई को हासिल करने के लिए कंपनी को बड़ी राशि खर्च करनी पड़ रही है। साथ ही, मार्केटप्लेस राजस्व में केवल 3% की वृद्धि मुख्य कारोबार की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े करती है।
लॉजिस्टिक्स राजस्व में गिरावट के पीछे कारोबारी संरचना में बदलाव की भूमिका भी हो सकती है। इसलिए कुल राजस्व में कमी को समझते समय इस बदलाव और कंपनी के मुख्य मार्केटप्लेस कारोबार के प्रदर्शन को अलग-अलग देखना जरूरी है।
