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महिलाओं, नौजवानों को रोजगार मिले, यह हमारी प्राथमिकता – मंत्री भूपेन्द्र सिंह

  • राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन अंतर्गत बांदरी में 32 लाख लागत के
  • दूध शीतलन केन्द्र का शुभारंभ

सौरभ जैन।। बांदरी।जब से आप सबने मुझे चुना है, तब से हमारी ये लगातार कोशिश रही है कि, हमारे क्षेत्र की बहनों को रोजगार की व्यवस्था हो, क्योंकि परिवार कभी एक व्यक्ति के कमाने से नहीं चलता। जब तक परिवार में हमारी बहने बराबरी से काम नहीं करेंगी तब तक परिवार की आमदनी नहीं बढ़ेगी। यह बात प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बांदरी में 32 लाख लागत के दुग्ध प्लांट के शुभारंभ अवसर पर कही।

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि, महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से अपने क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार मिले, नौजवानों को रोजागर मिले, इसके लिए हमारी चिंता हमेशा रहती है। जैसा हम सब जानते हैं, कि अपने क्षेत्र में गरीबी ज्यादा हैं। आजादी के इतने वर्षाें बाद भी जो विकास बांदरी और मालथौन क्षेत्र का विकास होना था, वो विकास नहीं हो पाया है इसलिए गरीबी भी है और इस गरीबी का बड़ा कारण रोजगार की समस्या है। पहले क्षेत्र में बीड़ी बनाने का काम चलता था, थोड़ी बहुत आय उससे हो जाती थी और महिलाएं उससे थोड़ा बहुत परिवार चला लेंती थीं। धीरे-धीरे बीड़ी का कार्य बंद हो रहा है।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि, जब तक हम रोजगार के नये साधन नहीं देखेंगे तब तक परिवार चलाना कठिन है और इसलिए हमने यह कोशिश की कि, अपने क्षेत्र में जो खेती है, उस से आमदनी बढ़े, और जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि खेती से आमदनी तभी बढ़ेगी जब हमारे खेतों में सिंचाई होगी। इसलिए हमने दो सिंचाई परियोजनाएं मंजूर कराईं हैं। एक उल्धन में धसान नदी पर और एक बीना नदी पर। इन दोनों सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से आने वाले समय में बांदरी और मालथौन क्षेत्र में 100 प्रतिशत सिंचाई होगी। एक भी इंच जमीन असिंचित नहीं रहेंगी।

श्री सिंह ने कहा कि, एक तो हमारी खेती से आमदनी बढ़ेगी और दूसरा हम लोगों को खेती से जुड़े धंधे करना पड़ेंगे, जो हम कम लागत में आसानी से कर सकते हैं। इसलिए हम देख रहे हैं कि सबसे अच्छा जो काम हो सकता है, वह है दुग्ध से जुड़ा व्यवसाय डेयरी का। डेयरी का काम करने से हम लोगों को कई फायदे हैं, गाय हो भैंस हो, उससे एक तो दूध का उत्पादन होगा और दूसरा गोबर से खाद् भी बनती है। यह भी एक आमदनी का जरिया है।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि, डेयरी के लिए मुख्य रूप से पानी, जगह, भूसा या चारा चाहिए। गांव में भूसा और चारे की व्यवस्था हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के हिसाब से लगभग सभी के पास जगह थोड़ी-थोड़ी है, और जिनके पास नहीं है उनके लिए भी जगह देने का काम हम कर रहे है।

आपके पास जो जगह है उसके चार-पांच जानवर रखें और उससे जो दूध निकले, उस दूध को आपके गांव के कलेक्शन को दे दें, वहां दूध का नाप होगा। दूध का पेमेंट हर पांच दिन में आपके खाते में पहुंच जाएगा, इससे बीच में गड़बड़ी की गुंजाईस नहीं होगी। जो महिलाएं दूध कलेक्शन सेंटर पर कार्य करेंगी, उन महिलाओं को अलग से महीने पर भुगतान किया जाएगा। दूध कलेक्शन सेंटर से गाड़ी के माध्यम से गांव से बांदरी तक आ जाएगा।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि, कुछ दिन पहले सागर में जो स्व सहायता समूह की महिलाएं उत्पादन कर रहीं हैं उसकी प्रदर्शनी लगी थी, उस प्रदर्शनी में हमने देखा की बहिनों ने कई प्रकार की चीजें बनाईं हैं। साबुन, अगरबत्ती, बच्चों के कपड़े, सेनेटरी पैड से लेके अनेक वस्तुओं का निर्माण महिलाओं के द्वारा किया गया था। प्रदर्शनी में सभी वस्तुएं बाजार की कीमत से कम कीमत पर और अच्छी गुणवत्ता के थे। कुल मिलाकर हमारी कोशिश यह है कि जिन महिलाओं के परिवार आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, उन महिलाओं को समूहों के माध्यम से रोजगार दिलाकर लाभान्वित करना है, यह हमारा लक्ष्य है।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि, केसली में सवा करोड़ की लागत का प्लांट हैं। वहां पर पनीर, दूध, श्रीखंड, घी, मावा, दही, मठा बनाने का काम कर रहीं हैं, इस प्लांट पर जो महिलाएं दूध का उत्पादन कर दें रहीं उनको 4 से 5 हजार प्रतिमाह एवं प्लांट पर काम कर रहीं महिलाओं को 8 से 10 हजार प्रतिमाह की आमदनी हो रही है। एक प्लांट में 42 बहिनों को रोजगार मिल रहा है। सवा करोड़ के इस प्लांट में 5 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने महिलाओं से आग्रह किया कि, वह अपने आस-पास बेरोगार महिलाओं को समूहों से जोड़ें और उनके के उत्थान में भागीदार बनें।

उन्होंने कहा कि, अपने क्षेत्र में हम ढाई करोड़ का प्लांट लगा रहे हैं। हम चाहते हैं कि जितने प्रोडक्ट अभी केसली के प्लांट में बन रहे हैं अपने क्षेत्र में भी बनें। इससे होने वाली आमदनी का सीधा लाभ महिलाओं को मिलेगा। सरकार ने यह तय कर दिया है कि, अब बच्चों के स्कूल डेªस महिलाओं के स्व सहायता समूह बनाएंगे। कपड़ा सरकार देगी, ड्रेस बनाने का कार्य महिलाओं को करना होगा, एक बच्चे की स्कूल डेªस बनाने में लगभग 100 रूपए बचेंगे, यह पैसा सीधा आपके खातें में आएगा। अब प्रश्न ये है कि इन सब कामों के लिए पैसा कहां से आएगा। अगर डेयरी प्लांट हेतु हमें गाय, भैंस खरीदना है, उसके लिए पैसे की जरूरत है, उसके लिए जो स्व सहायता समूह हैं उनके लिए हम पैसे दिलाने का काम कर रहे हैं।

श्री सिंह ने कहा कि, आज करीब 50 लाख रूपए की राशि बैंक के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को दी जाएगी। इसी तरह जो नए समूह बनेंगे, उनकों सरकार से मद्द दिलाना, समूह की महिलाओं को ट्रेनिंग दिलाना, सरकार से लोन दिलाने की व्यवस्था हम लोग कर रहे हैं। इसके लिए सरकारी व्यवस्था तो हैं ही, और हमने पूरे क्षेत्र के लिए अपने कार्यालय में अलग से कर्मचारी रखें हुए हैं, जो गांव-गांव घूमकर बहिनों के समूह बनाने का काम कर रहे हैं। कई महिलाओं को यह नहीं पता कि, समूह कैसे बनता है, लोन कैसे मिलता है, क्या करना पड़ता है यह पता नहीं होता है। इसलिए हमने अपने कार्यालय की एक टीम बनाई है, जो यह कार्य करती है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विकासखण्ड मालथौन में दिसम्बर 2020 तक, कुल 77 समूह में 849 सदस्य, 43 समूहों को चक्रीय राशि 5.69 लाख, 42 समूहों को बैंक से 59.38 लाख राशि, 106 स्ट्रीट वेंडर हितग्राहियों को 10.60 लाख, 268 बेरोजगारों को रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार, 21 महिलाओं को डीडीयूजेकेवाय में प्रशिक्षण एवं रोजगार, 17 महिलाओं को कड़कनाथ मुर्गी पालन प्रशिक्षण, बांदरी के 32 ग्रामों की 477 महिलाओं को दुग्ध शीतलन केन्द्र की स्थापना, 22 ग्रामों की 328 महिलाओं को ग्राम विस्तारिकरण, 44 महिलाओं को दुग्ध उत्पादन एवं संग्रहण प्रशिक्षण, मालथौन में 28 ग्रामों की 537 महिलाओं को नवीन प्रस्तावित दुग्ध शीतलन केन्द्र की स्थापना (प्राथमिक सर्वे अनुसार), 2 समूह को पावर हेमर की स्थापना, हार्टीकल्चर एवं मनरेगा के कनवर्जेंस से 1 समूह को नर्सरी स्थापना एवं 2 समूहों को गौ-शाला आवंटन किया गया है।

कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत इछित गढ़पाल, देशराज सिंह लोधी, देवीदयाल कुशवाहा, पप्पू मुकद्म, जोधन सिंह ठाकुर, संतोष लोधी अटाटीला, सुल्तान सिंह पिथौली, पूर्व सरपंच विश्वनाथ सिंह, अजय सिंह लोधी, बंटी राजपूत पिठोरिया, प्रहलाद सिंह मुहली, राजकुमार रिछारिया, राजाराम हड़ुआ, नरेश जैन, राजेन्द्र जैन, राजेन्द्र लोधी, राजकुमार जैन, दीनदयाल रैकवार, राजा राजपूत बांदरी, भरत सिंह मुहली, प्रीतम सिंह, एसडीएम खुरई मनोज चैरसिया, सीएमओ बांदरी सहित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी भाजपा नेता एवं आमजन उपस्थित थे।

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