सिंगरौली न्यूज

सिंगरौली : कौन है जो युवाओं को नशे के नर्क में धकेल रहा है ?

ओम प्रकाश शाह।। जीवन में सुख-दु:ख,सफलता-असफलता लगा रहता है कुछ लोग इन समस्याओं से घबराकर अपना जीवन ही नष्ट कर लेते हैं। लेकिन अधिकांश लोग जीवन से रुख दूसरी ओर मोड़  ऐसे उपाय अपनातेे हैंं, जैसे शुतुरमुर्ग  संकट को देखकर अपना सिर रेत में छुपा लेता है। ऐसे लोग अक्सर नशे की आगोश में चले जाते हैं। शराब, गांजा,भांग,चरस,अफीम,ताड़ी आदि नशे वास्तविक जीवन से आंख चुरा कर खुद को चिंतामुक्त रखने का भयावह टिटहरी प्रयास है। दरअसल नशे की आगोश में जा कर वह चिंतामुक्त होने के बजाय अपना मनोबल और वास्तविक जीवन को चौपट कर लेते हैं।

सिंगरौली जिले को ऊर्जाधानी के नाम से जरूर जाना जाता है लेकिन यहां के युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और मादक पदार्थों की आसानी से उपलब्धता युवाओं के भविष्य के साथ साथ पूरे परिवार को बदहाली की ओर धकेल रहा है। ऐसे में जिम्मेदारों पर सवाल उठना लाज़मी है।

अगर जिम्मेदार अपनी ज़िम्मेदारी पूरे ईमानदारी से निभा रहें हैं तो सिंगरौली जिले में नशे का कारोबार अमरबेल की तरह दिन दुगनी और रात चौगुनी की तर्ज पर कैसे फल फूल रहा है? सूत्रों की माने तो सिंगरौली जिले का कोई ऐसा चौराहा नहीं जहां नशे के कारोबारियों का ऐजेंट न हो।

आप जिले के बैढ़न क्षेत्र के आवासीय कालोनियों के चौराहे पर,संकरी गलियों में दिन ढलते एक बार घूम लीजिए,जिन किशोरों को किताबों में कामयाबी तलाशना चाहिए था वे नशे की पुड़िया तलाशने में मसरूफ़ दिख जाएंगे। नशे का कारोबार कोई चोरी छिपे नहीं डंके की चोट पर खुलेआम हो रहा है। यानी किसी न किसी के संरक्षण में हो रहा है? सवाल यह है कौन है वह जो जिले के युवाओं को नशे के नर्क में धकेल रहा है ?

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न्यूज़ डेस्क, उर्जांचल टाईगर

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