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मध्यप्रदेश के इस जिले में  बिना कमीशन के नही होता जमीन की रजिस्ट्री !

सिंगरौली जिले के रजिस्टार दफ्तर में इन दिनों दलालो का बोलबाला है,जो जमीन की रजिस्ट्री कमीशन लेकर करवा रहे है। बिना कमीशन के जमीन की रजिस्ट्री मुश्किल ही नहीं असंभव सा प्रतीत होता है। 

रजिस्ट्रार कार्यालय में घुसा दलालो का वायरस 

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में अगर किसी को अपने जमीनी का रजिस्ट्री करवाना है तो उसे पहले दलालो से संपर्क करना पड़ता है तभी उसके  जमीन का रजिस्ट्री हो पाता है।सूत्रों की माने तो हर रजिस्ट्री पर दलाल रजिस्ट्री करवाने वालो से 5 से 10 हजार रु लेकर जमीन की रजिस्ट्री करवाता  है।

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रजिस्टार दफ्तर में लोगो के जमीन का रजिस्ट्री करवाने वाले एक एजेंट ने बताया कि रजिस्टार का एक दलाल है जो रजिस्ट्री करवाने वाले हर व्यक्तियों से 5 से 10 हजार लेता है। उसके बाद ही किसी व्यक्ति के जमीन की रजिस्ट्री हो पाता है। आगे एजेंट ने बताया कि पैसे का लेनदेन रजिस्टार के जानकारी में होता है। किस व्यक्ति से कितना पैसा लेना है।

शाम को 7 बजे तक होता है रजिस्ट्री

NEWS12रजिस्टार दफ्तर दलालो से भरा रहता है इतना ही नही दफ्तर 7 बजे के बाद भी खुला रहता है। और काम चलता रहता है। इन सभी विषय पर जब रजिस्टार अशोक सिंह परिहार से बात कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने यह कह कर अपना पक्ष देने से इंकार कर दिया की, मेरे पास अभी समय नही है, आप बाद में आये। जैसे ही उनका पक्ष उपलब्ध होगा अपडेट कर दिया जाएगा। 

रजिस्ट्रार दफ्तर में नही होता है सोशल- डिस्टेंसिंग

एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, वहीं जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न तो कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और न ही सैनिटाइजेशन की ही व्यवस्था है। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया जा रहा है।यही नहीं खुद रजिस्टार साहब मास्क तक लगाना जरूरी नही समझते है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि संक्रमण को रोकने के लिए सिंगरौली जिले के जिम्मेदार कितना गंभीर है।

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