UP Police पर जानलेवा हमला करने वाला बकरी चोर गिरोह को MP Police ने पकड़ा।

ओम प्रकाश शाह,सिंगरौली। गढ़वा टी आई अनिल उपाध्याय ने अपने टीम के साथ मिलकर बकरी चोर के गिरोह को घेराबंदी करके पकड़ा। आरोपी यूपी के जुगैल पुलिस पर फायरिंग करके गढ़वा के जंगलो में छिपे थे जिसे पुलिस ने 3 आरोपियो को धर दबोचा। जबकि अंधेरे एंव घने जंगलों का फायदा उठाकर 2 आरोपी फरार हो गये।

क्या है पुरा मामला ?

गढ़वा टी आई को लगातार शिकायतें मिल रही थी पिछले 4,5 महीनो से अज्ञात चोरों द्वारा बकरियां चुराई जा रही है। 28 जनवरी को गढ़वा टी आई को फरियादी राम नरेश बैस निवासी घोघरा ने शिकायत किया था कि उसके घर से अज्ञात चोर बकरियां चुरा कर इनोवा गाड़ी में भर रहे थे। तभी उसके भाई सतेंद्र बैस की नींद खुल गई। जब वह हल्ला करने ही वाला था तभी आरोपियो ने उसपर जानलेवा हमला कर फरार हो गये। मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वा टी आई अनिल उपाध्याय अज्ञात बकरी चोर के गिरोह में जुट गये है।

बकरी चोर के गिरोह ऐसे पकड़ाया ?

आरोपियों की तलाश में जुटे गढ़वा टी आई को सूचना मिली कि बकरी चोर के गिरहों ने पड़ोसी राज्य यूपी के जुगैल पुलिस पर फायरिंग किया है। फायरिंग करने के बाद बकरी चोर गढ़वा थाना क्षेत्र के ग्राम रामडीहा के जंगलो में छुप गया है। सूचना मिलते थाना प्रभारी ने ग्रामीणों एंव जुगैल पुलिस की मदद से जंगलो में घेराबन्दी करके आरोपियो को धर दबोचा।

गढ़वा टी आई अनिल उपाध्याय
गढ़वा टी आई अनिल उपाध्याय

गढ़वा टी आई अनिल उपाध्याय ने बताया कि यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में पहले रेकी करते थे। बाद में रात्रि के समय इनोवा एंव सफारी वाहनो से आते थे। उसके बाद बकरियों का मुंह बांध कर गाड़ी की डिग्गी में भर के ले जाते थे। इस गिरोह ने चितरंगी क्षेत्र में भी दो वारदातों को अंजाम दिया गया था।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

  • राम बाबू उम्र 28 वर्ष निवासी चंदौली उत्तरप्रदेश,
  • दिलशाद खान उम्र 24 वर्ष निवासी कैंट वाराणसी,
  • दिनेश पटेल उम्र 21 वर्ष निवासी कचनार वाराणसी
  • दो अन्य आरोपी फरार है।

उक्त कार्यवाही में अहम योगदान इनका रहा।

गढ़वा टी आई अनिल उपाध्याय, जुगैल टी आई डीके चौधरी, एस आई अभयनाथ सिंह,हेडकोंस्टेबल नागेंद्र सिंह,सतेंद्र सिंह,गुलाब चौधरी, बगदरा चौकी प्रभारी विनोद सिंह,एस आई बीएल बंसल,आरक्षक मुकेश पांडेय, अरविंद यादव,विजय यादव,सर्वदानन्द,सर्वेश,नंदलाल,रमेश,नरेंद्र एंव चालक आशीष का अहम योगदान रहा।